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मुख्य व्यापारिक स्थिति

मुख्य व्यापारिक स्थिति
झारखंड राज्य में रांची एक महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र बन गया है। वन और खनिज संसाधनों के अच्छे भंडार की उपस्थिति के कारण मध्यम और बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित करने के लिए एक अच्छी जगह माना जाता है। रांची में मौजूद बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग और खनन उद्योग, रांची की आबादी के एक बड़े हिस्से को रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। मौजूदा ग्रामीण उद्योग जैसे सिरीकल्चर, हैंडलूम, हस्तशिल्प, खादी, वस्त्र इत्यादि को ग्रामीण और आजीविका देने के लिए भी बढ़ावा दिया और विकसित किया जा रहा है। जनजातीय आबादी जिला प्रशासन उद्योगों को आधुनिकीकरण / तकनीकी उन्नयन के मामले में मदद करता है, मुख्य व्यापारिक स्थिति जो आवश्यक सामान्य सुविधाएं, उत्पाद डिजाइन, विपणन सहायता इत्यादि प्रदान करता है ताकि उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। रांची से कुछ प्रमुख निर्यात योग्य वस्तुओं भारी मशीनरी और उपकरण, लाख, खनिज, मिट्टी के बरतन, आईटी और परामर्श सेवाएं हैं।

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मुख्य व्यापारिक स्थिति

मेवाड़ में व्यापार के प्रमुख केन्द्र

गाँवों में व्यापार का काम साप्ताहिक (साती ) अथवा मासिक (मासी ) हटवाड़ (बाजार ) लगा कर किया जाता था। ऐसे हटवाड़ प्रत्येक १०- १२ गाँवों के मध्य लगाये जाते थे। राज्य के आंतरिक व्यापार के प्रमुख केन्द्र उदयपुर, भीलवाड़ा, राशमी, समवाड़, कपासन, जहाजपुर तथा छोटी सादड़ी मुख्य व्यापारिक स्थिति थे। अंतर्राज्यीय व्यापार के लिए मेवाड़ के वणिक- गण समुह बना कर क्रय- विक्रय हेतु दुरस्थ प्रदेशों में जाते थे। ये व्यापारिक यात्राएँ सर्दी के बाद प्रारंभ हो जाती थी तथा वर्षाकाल से पूर्व समाप्त हो जाती थी।

व्यापारिक यातायात- व्यवस्था

आलोच्यकाल में व्यापारिक यातायात का मुख्य मुख्य व्यापारिक स्थिति साधन कच्चे व पथरीले मार्ग रहे थे। इन्हीं मार्गों से बनजारे बैलों व भैंसों द्वारा, गाडुलिया लुहार बैलगाड़ियों से, रेबारी लोग ऊँटों द्वारा, कुम्हार तथा ओड़ लोग खच्चर व गधों पर माल लाने- ले जाने मुख्य व्यापारिक स्थिति का काम करते थे। वैसे स्थान जहाँ पशुओं द्वारा ढ़�लाई संभव नहीं थी, माल आदमी की पीठ पर लाद कर लाया जाता था। लंबी दूरी पर माल- ढ़�लाई का कार्य चारण, बनजारा तथा गाड़ूलिया लुहार, जैसे लड़ाकू - बहादुर जाति के लोग संपन्न करते थे। चारण जाति को समाज में ब्राह्मण - तुल्य स्थान प्राप्त था, अतः इनके काफिलों का लूटना पाप माना जाता था। व्यापारिक काफिले, जो बैलों के झुण्ड पर माल लाद कर चलते थे, बालद (टांडा ) कहलाते थे। एक बालद में एक से एक हजार तक बैल हो सकते थे। ऊँटों का काफिला एक दिन में करीब २२ मील की दूरी तय करता था, वहीं घोड़े से ५० मील तक की यात्रा की जा सकती थी। बैलगाड़ी, गधे, ,खच्चर आदि एक दिन में २५- ३० मील की दूरी तय कर लेते थे।

अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार, 2021-22 में द्विपक्षीय व्यापार 119.42 अरब डॉलर पर

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में अमेरिका और भारत का द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 119.42 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 2020-21 में यह आंकड़ा 80.51 अरब डॉलर का था।

आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में भारत का अमेरिका को निर्यात बढ़कर 76.11 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 51.62 अरब डॉलर रहा था। वहीं इस दौरान अमेरिका से भारत का आयात बढ़कर 43.31 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 29 अरब डॉलर था।

आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार 115.42 अरब डॉलर रहा, जो 2020-21 में 86.4 अरब डॉलर था।

अर्थव्यवस्था

झारखंड की राजधानी रांची, तीव्र गति से बढ़ रही है और विस्तार कर मुख्य व्यापारिक स्थिति रही है। वृद्धि हुई आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के विकास के कारण व्यापक शहरीकरण हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों का विस्तार हो रहा है। भूमि उपयोग नीतियों में बदलाव के कारण शहर के आसपास के इलाकों में अधिक क्षेत्रों को जोड़ा जा रहा है। रांची को पूंजी की स्थिति के साथ सम्मानित होने के बाद, बढ़ती आबादी की आवश्यकताओं को पूरा करने की आवश्यकता है।

आसानी से उपलब्ध जनशक्ति , प्रतिष्ठित तकनीकी , प्रबंधन और शैक्षिक संस्थानों , अच्छी परिवहन और संचार सुविधाएं और बिजली की स्थिति में सुधार, उद्यमियों के लिए आरआईए (रांची औद्योगिक क्षेत्र) क्षेत्र आकर्षक बनाता है लोगों के लाभ के लिए पर्याप्त रोजगार , ढांचागत और संस्थागत सुविधाओं को उत्पन्न करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहरीकरण के इस युग में, औद्योगिकीकरण और आधुनिकीकरण , वर्तमान पर्यावरण को संरक्षित और संरक्षित करने के लिए नहीं भूलना चाहिए । मुख्य व्यापारिक स्थिति रांची शहर के लिए एक सतत और पर्यावरण -अनुकूल विकास का तरीका मुख्य व्यापारिक स्थिति आवश्यक है।

रांची में व्यापार, वाणिज्य और व्यापार

झारखंड की राजधानी होने के मुख्य व्यापारिक स्थिति नाते रांची राज्य में व्यापार और वाणिज्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। उच्च साक्षरता दर , मेहनती लोगों, स्थिर राजनीतिक वातावरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने से इस क्षेत्र में व्यवसाय के विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण बना है। सरकार रांची शहर में निवेश आकर्षित करने के लिए आकर्षक योजनाएं दे रही है। सभी प्रकार के व्यवसाय छोटे-से-दैनिक ज़रूरत की दुकानों , चिकित्सा दुकानों , उच्च अंत ब्रांडेड स्टोरों के लिए तैयार वस्त्रों से रांची में मिल सकते हैं। कई प्रीमियम ब्रांड, फास्ट-फेड चेन और मल्टीप्लेक्स ने रांची में दुकान लगाई है। उपभोक्ता के बढ़ते खर्च की शक्ति के साथ कई मॉल और मल्टीप्लेक्स भी रांची में अच्छा मुख्य व्यापारिक स्थिति कारोबार कर रहे हैं। रांची में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों , सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और निजी लिमिटेड कंपनियां हैं , जो अच्छे रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। रांची शहर इस प्रकार नए उद्यमियों के लिए पर्याप्त व्यावसायिक अवसर प्रदान करता है कामकाजी पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर .

अर्थव्यवस्था

पटना प्राचीन काल से कृषि और व्यापार का प्रमुख केंद्र रहा रहा है | यहाँ से मुख्यत अनाज, ईख , तीसी और चावल का निर्यात होता रहा है | पटना के आस पास कई चीनी मिली रहीं है | यह मुख्यत व्यापार और विलासिता सामग्रियों के ब्रांड केंद्र के रूप में विख्यात रहा है |

पटना कि अर्थव्यवस्था 2005 से सतत विकास की रही है | यह मुख्य रूप से रोजमर्रा के उपभोग सामग्री उद्योग, सेवा क्षेत्र और हरित क्रान्ति उद्योग से प्रोत्साहित रही है | 2009 ने विश्व बैंक ने पटना को उद्योग शुरू करने के लिय भारत का दूसरा सबसे अच्छा जगह माना | 2015 में प्रति व्यक्ति सकल घरेलु उत्पाद पटना का रू. 106000 तथा सकल घरेलु उत्पाद दर 7.89 प्रतिसत रही है |

पटना विश्व का 21 वी सबसे बड़ी तेजी से विकसित हो रहा शहर माना गया है तथा भारत में यह पांचवे स्थान पर है , इसके विकास की औसत गति 3.72 प्रतिसत है |

पाकिस्तान के भारत से व्यापारिक सम्बन्ध ख़त्म; जानें किसका फायदा किसका नुकसान?

एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2018-2019 में भारत से पाकिस्तान को कुल निर्यात लगभग 2.17 बिलियन डॉलर था जो कि भारत के कुल निर्यात का .83% मात्र मुख्य व्यापारिक स्थिति मुख्य व्यापारिक स्थिति है. यही हाल पाकिस्तान की ओर से भारत को किये जाने वाले व्यापार का है. भारत; पाकिस्तान से मुख्य रूप से ताजे फल, सूखे मेवे तैयार चमड़ा इत्यादि मंगवाता है वहीँ पाकिस्तान; भारत से टमाटर, चाय, चीनी, ऑयल केक, सूती धागे, टायर, रबड, डाई और पेट्रोलियम ऑयल इत्यादि आयात करता है.

Trade gate b/w India and Pakistan

भारत सरकार के द्वारा जम्मू एंड कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया है. लेकिन इसके विरोध में पाकिस्तान ने भारत के साथ सभी तरह के व्यापारिक सम्बन्ध ख़त्म कर दिए हैं और एक दूसरे देशों के राजदूतों को भी वापस बुला लिया है.

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