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विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान

विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान

Economy रुपये सात पैसे टूटकर 81.81 प्रति डॉलर पर

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख और विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सात पैसे टूटकर 81.81 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया तेजी के साथ 81.84 पर खुला।

कारोबार के दौरान रुपया 81.74 के दिन के उच्चस्तर और 81.91 के निचले स्तर को छूने के बाद अंत में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले सात पैसे की गिरावट के साथ 81.81 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपया शुक्रवार को 10 पैसे की गिरावट के साथ 81.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान में अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कमजोर घरेलू बाजारों और मजबूत डॉलर के कारण रुपये में गिरावट आई।

विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी से रुपये पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.83 प्रतिशत की तेजी के साथ 107.81 हो गया। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.76 प्रतिशत घटकर 86.95 डॉलर प्रति बैरल रह गया।

वहीं, बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 518.64 अंक की गिरावट के साथ 61,144.84 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को 751.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। (एजेंसी)

विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान

इधर के सालों में चीनी मुद्रा रन मिन पी का पुनर्मूल्यन सवाल अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के विवादों का मुख्य केन्द्र बन गया है। कुछ चीनी विदेशी अर्थ शास्त्रियों ने हमारे संवाददाता के साथ साक्षात्कार में कहा कि रन मिन पी विनिमय दर की स्थिरता को बरकरार रखना चीन और विश्व के आर्थिक विकास के लिए लाभदायक है। उन्होने चीन सरकार के विनिमय दर के परिपूर्ण व्यवस्था के लिए किए गए विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान प्रयासों की सराहना की ।

1994 के बाद से चीन की मुद्रा रन मिन पी बुनियादी तौर से बाजार की आपूर्ति व विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान मांग पर निर्भर रही है, अमरीकी डालर पर खास तौर पर ध्यान रखते हुए केन्द्रीय बैंक विभिन्न बैंकों के बीच विदेशी मुद्रा बाजार सौदे की स्थिति के अनुसार अपनी विनिमय दर घोषित करती रही है और रन मिन पी की विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान विनिमय दर पर प्रबंधपूर्ण वितरण की नीति अपनाती आयी है। इस नीति के लागू होने से रन मिन पी विनिमय दर स्थिर बनी रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का प्रबंधपूर्ण वितरण विनिमय दर नीति चीन के मौजूदा विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान दौर के आर्थिक विकास के पैमाने व उपक्रमों की सहन शक्ति और वित्तीय निगरानी व प्रबंध स्तर से मेल मिलाप रखती है।

चीन के रन ता विश्वविद्यालय की वित्तीय व सिक्यूरीटरी बांड अनुसंधान प्रतिष्ठान के प्रोफेसर चाओ सी च्युन का मानना है कि वैदेशिक व्यापार व विदेशी निवेश चीन जैसे विकासशील देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है, जबकि चीन के इधर के सालों में इस क्षेत्र में प्राप्त उपलब्द्धियां काफी हद तक रन मिन पी की विनिमय दर की स्थिरता को विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान जाता है। चीन के वैदेशिक व्यापार में इतनी अच्छी प्रगति का महत्वपूर्ण तत्व एक स्थिर विनिमय दर को जाता है, आयात निर्यात कोरोबारों को विनिमय दर के उथल पुथल से उत्पन्न जोखिम सवाल पर चिन्ता नहीं करनी चाहिए, यदि रन मिन विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान पी का अचानक पुनर्मूल्यन हो गया तो अवश्य सिलसिलेवार प्रतिकूल परिणाम लाएगा, इन में निर्यात कारोबारों के उत्पादन में घाटा होने जैसी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकने की संभावना है।

वर्तमान हमारी स्थिर विनिमय दर नीति ने निवेशकों के आश्वासन को सुनिश्चता प्रदान की है, विदेशी पूंजी निवेशक चीन में पूंजी निवेश करने आए और चीन की विनिमय दर हर वक्त बदलती रहे तो निवेश लागत और जोखिमता बड़ा सकता है, एक स्थिर विनिमय दर स्तर व एक अपेक्षाकृत स्वस्थय विनिमय दर व्यवस्था, विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने से घनिष्ठ संबंध रखता है।

प्रोफेसर चाओ ने जानकारी देते हुए कहा कि दीर्घकालिन से चीन के कारोबारों व वित्त संस्थाओं का बाजारीकरण पैमाना थोड़ा नीचे रहा है , और विनिमय दर के स्वतंत्र वितरण की स्थिति तहत उनको संचालन अनुभव प्राप्ति भी बहुत कम है, संबंधित बचाव जोखिम व्यवस्था भी पूर्ण नहीं है, इस लिए बड़े पैमाने की विनिमय दर में फेरबदल कारोबारों व बैंकों को धक्का पहुंचा सकती है और चीन के आर्थिक विकास पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल सकती है। प्रोफेसर चाओ का मानना है कि रन मिन पी विनिमय दर को स्थिर कायम रखना चीन के आर्थिक विकास के लिए ही नहीं, विश्व के आर्थिक के विकास के लिए भी सकारत्मक अर्थ रखता है।

उन्होने आगे कहा अन्तरराष्ट्रीय की दृष्टि से कहा जाए अमरीका विश्व का पहला बड़ा व्यापारिक संगठन है, अमरीका , जापान, यूरो क्षेत्र व चीन दुनिया के चार बड़े आर्थिक संगठन हैं, विश्व आर्थिक में अपेक्षाकृत स्थिर विकास और अपेक्षाकृत स्थिर पर्यावरण होना चाहिए, इस में चार आर्थिक संगठनों के बीच की मुद्रा की स्थिर संबंध भी बहुत महत्वपूर्ण है, यदि मुद्रा हमेशा उथल पुथल मचाती रही , विश्व व्यापार के विकास के लिए स्पष्टतः नुकसानेह होगा और वे विश्व व्यापार की जोखिम व लागत को बड़ा सकते है।

Dollar vs Rupee: अमेरिकी डॉलर की तुलना में रुपया 7 पैसे गिरा, जानिए क्या कहना है विशेषज्ञों का?

Dollar vs Rupee: विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में बीते शुक्रवार को 51.20 करोड़ रुपए के शेयरों की बिक्री की थी। वहीं, डॉलर सूचकांक 0.83 फीसदी उछाल के साथ बंद हुआ है।

Viren Singh

Dollar vs Rupee

Dollar vs Rupee: (सोशल मीडिया)

Dollar vs Rupee: भारतीय मुद्रा रुपए की गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर की तुलना में 7 पैसे नीचे जाकर 81.81 प्रति डॉलर (अनंतिम) पर बंद हुआ। इससे पहले बीते दो लगातार कारोबारी सत्र में रुपया डॉलर की तुलना में गिरावट पर बंद हुआ था।

81.84 पर खुला रुपया

इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में आज शुरुआती कारोबार में स्थानीय इकाई 81.84 पर खुला था। उसके बाद कारोबार में रुपया 81.74 के उच्च स्तर और 81.91 के निचले स्तर पर गया है। बाद में 81.81 पर बंद हुआ, जोकि पिछले बंद के मुकाबले 7 पैसे की गिरावट को दर्शाता है। बीते कारोबार के आखिरी दिन शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर की तुलना में 10 पैसे की गिरावट के साथ 81.74 पर बंद हुआ था।

गिरावट पर बाजार विशेषज्ञ का मत

भारतीय मुद्रा में आई गिरावट पर बीएनपी पारिबा के शेयरखान में अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी का कहना है कि कमजोर घरेलू बाजारों और मजबूत डॉलर के वजह से स्थानीय मुद्रा में गिरावट आई है। साथ ही, एफआईआई के बहिर्वाह ने रुपये पर नकारात्मक दबाव डाला है।

उन्होंने कहा हम उम्मीद करते हैं कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने के बीच अमेरिकी डॉलर में मजबूती पर रुपया एक नकारात्मक पूर्वाग्रह के साथ व्यापार करेगा। हालांकि, कमजोर कच्चे तेल की कीमतें रुपये को निचले स्तर पर समर्थन दे सकती हैं। इस सप्ताह आयोजित होने वाली बैठक के बाद हैं। ट्रेडर्स फेडरल ओपन मार्केट कमेटी आगे सतर्क रह सकते हैं।

डॉलर सूचकांक में वृद्धि

इस बीच छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.83 फीसदी बढ़कर 107.19 पर बंद हुआ है। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 0.76% गिरकर 86.95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

एफआईआई की स्थिति

एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध विक्रेता थे, क्योंकि उन्होंने शुक्रवार को 751.20 करोड़ विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान रुपए के शेयर बेचे थे। वहीं, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11 नवंबर तक 14.72 अरब डॉलर बढ़कर 544.विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अगस्त 2021 के बाद से सबसे तेज वृद्धि है।

सेंसेक्स 0.84 फीसदी लुढ़का

सोमवार को घरेलू इक्विटी बाजार के मोर्चे पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 518.64 अंक या 0.84% गिरकर 61,144.84 पर बंद हुआ, जबकि व्यापक एनएसई निफ्टी 147.70 अंक या 0.81% गिरकर 18,159.95 पर बंद हुआ है।

जरुरी जानकारी | रुपये सात पैसे टूटकर 81.81 प्रति डॉलर पर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख और विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सात पैसे टूटकर 81.81 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

जरुरी जानकारी | रुपये सात पैसे टूटकर 81.81 प्रति डॉलर पर

मुंबई, 21 नवंबर घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख और विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया सात पैसे टूटकर 81.81 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया तेजी के साथ 81.84 पर खुला। कारोबार के दौरान रुपया 81.74 के दिन के उच्चस्तर और 81.91 के निचले स्तर को छूने के बाद अंत में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले सात पैसे की गिरावट के साथ 81.81 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

रुपया शुक्रवार को 10 पैसे की गिरावट के साथ 81.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

बीएनपी पारिबा बाय शेयरखान में अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि कमजोर घरेलू बाजारों और मजबूत डॉलर के कारण रुपये में गिरावट आई। विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी से रुपये पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की तुलना में डॉलर की कमजोरी या मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.83 प्रतिशत की तेजी के साथ 107.81 हो गया।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.76 प्रतिशत घटकर 86.95 डॉलर प्रति बैरल रह गया।

वहीं, बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 518.64 अंक की गिरावट के साथ 61,144.84 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने शुक्रवार को 751.20 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Gold Price Today: शादियों के सीजन में रोजाना महंगा हो रहा सोना, जानें आज कितने बढ़े रेट?

सोने और चांदी के रेट

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 320 रुपये चढ़कर 53,449 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी.

  • News18 हिंदी
  • Last Updated : November 16, 2022, 20:01 IST

नई दिल्ली. Gold Rate Today: मजबूत वैश्विक रुख और रुपये के मूल्य में गिरावट के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 320 रुपये चढ़कर 53,449 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी. इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 53,129 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. दूसरी तरफ चांदी की कीमत 125 रुपये टूटकर 62,682 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई.

विदेशी बाजारों में डॉलर के मजबूत होने तथा घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी के रुख के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में आरंभिक कारोबार के दौरान अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपये की विनिमय दर 66 पैसे घटकर 81.57 रुपये प्रति डॉलर रह गई.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान दिलीप परमार ने कहा कि बेहतर घरेलू हाजिर मांग, रुपये के कमजोर होने और अंतरराष्ट्रीय बाजार की तेजी की वजह से घरेलू बाजार में सोने की कीमतों को समर्थन मिला. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लाभ के साथ 1,777.56 डॉलर विदेशी मुद्रा बाजार पर अनुसंधान प्रति औंस हो गया जबकि चांदी गिरावट के साथ 21.68 डॉलर प्रति औंस रह गई.

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज में जिंस शोध विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नवनीत दमानी ने कहा कि अमेरिकी मुद्रास्फीति के कम होने के संकेतों के कारण ब्याज दरों में साधारण वृद्धि होने की संभावना बढ़ने से सोने की कीमतें तीन महीने के उच्चतम स्तर पर स्थिर बनी रहीं, जबकि पोलैंड में रूसी मिसाइलों से दो लोगों के मारे जाने की खबरों के बीच निवेश के सुरक्षित विकल्प वाली संपत्तियों की मांग बढ़ी.

सोने-चांदी पर बढ़ाया बेस इम्‍पोर्ट
सरकार ने पॉम तेल के साथ सोने और चांदी पर भी बेस इम्‍पोर्ट प्राइस बढ़ा दिया है. सोने का बेस इम्‍पोर्ट प्राइस 531 डॉलर प्रति 10 ग्राम से बढ़ाकर 570 डॉलर प्रति 10 ग्राम कर दिया है. वहीं, चांदी के बेस इम्‍पोर्ट प्राइस में 72 डॉलर का इजाफा किया है, जो अब बढ़कर 702 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गया है. अभी तक यह 630 डॉलर प्रति किलोग्राम था.

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